चक्रधरपुर, मई 11 -- बंदगांव। झारखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में मनरेगा योजना और लीड्स संस्था के साझा प्रयास का रंग अब धरातल पर दिखाने लगा है। बंदगांव प्रखंड की दो महिला मेटों मोनिका मुंडू और दशमा हेंब्रम ने अपनी मेहनत और सरकारी योजनाओं के कुशल क्रियान्वयन से न केवल अपनी पहचान बनाई है, बल्कि आज वे सालाना लाखों की कमाई कर ग्रामीण विकास की नई इबारत लिख रही हैं। बंदगांव पंचायत की निवासी मोनिका मुंडू ने मनरेगा के तहत महिला मेट के रूप में कार्य करना शुरू किया। उन्होंने योजनाओं के प्रबंधन के साथ-साथ खुद को उद्यमिता से जोड़ा. आज मोनिका मुर्गी पालन के व्यवसाय से सालाना लगभग 1,20,000 रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रही हैं। इसके अतिरिक्त, वे आम बागवानी और गाय पालन जैसी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रही हैं। प्रखंड मुख्यालय ...