आजमगढ़, अक्टूबर 2 -- आजमगढ़, संवाददाता। खून चूसने वाली जोंक से अब पुराने मर्ज का उपचार होगा। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल एलवल में लीच थेरैपी (जोक चिकित्सा या हीरुडोथेरेपी) शुरू हो रही है। यहां छह प्रकार की औषधीय जोंक से उपचार शुरू होगा। त्वचा रोग एक्जिमा, सोरायसिस, पुराने दाद, चकत्तो का उपचार होगा। इसके साथ ही बंद नसों से जुड़ी समस्या का भी उपचार किया जाएगा। लीच थिरैपी (जोंक चिकित्सा या हीरुडोथेरेपी) को जलौका अवचरण के नाम से भी जाना जाता है। इस विधि से शरीर से अशुद्ध या दूषित रक्त को बाहर निकाला जाता है। आयुर्वेदिक में इसे जिसे रक्तमोक्षण कहा जाता है। शरीर के जिस स्थान पर बीमारी होती है, उसी स्थान से दूषित खून को निकाला जाता है। जिससे पीड़ित का मर्ज ठीक हो जाता है। इसके लिए औषधीय जोंक का उपयोग किया जाता है। इस पद्धति को जनपद के जिला आयुर्वेदिक अ...