बलरामपुर, मई 23 -- बलरामपुर। जिले के स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के नाम पर कथित भ्रष्टाचार की परतें खुलने लगी हैं। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की टीम की तरफ से सीएमओ कार्यालय के एक लिपिक को रिश्वत लेते गिरफ्तार किए जाने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइलों को स्वीकृत कराने के लिए कर्मचारियों से रिश्वत मांगी जाती थी। जो कर्मचारी पैसा दे देते थे उनकी फाइलें पास कर दी जाती थीं, जबकि अन्य की फाइलें महीनों तक लंबित रखी जाती थीं। इस पूरे मामले में विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने हाल ही में अपनी पत्नी के नाम पर लगभग 1.62 लाख रुपये तथा स्वय...