धनबाद, फरवरी 7 -- धनबाद, विशेष संवाददाता कोल इंडिया की ओर से डायवर्सिफिकेशन (विविधीकरण) को लेकर एक विजुअल प्रजेंटेशन जारी किया गया है, जिसमें कंपनी ने अपने पारंपरिक कोयला खनन व्यवसाय से आगे बढ़कर ऊर्जा क्षेत्र में विविधता लाने के लिए तेजी से काम कर रही है। मुख्य फोकस क्षेत्रों में कोयला गैसीकरण (2030 तक 100 एमटी), सौर और नवीकरणीय ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स (लिथियम/कोबाल्ट) की खोज और कोयला धुलाई (वाशरी) का विस्तार शामिल है। कोल इंडिया ने भेल, गेल और आईओसीएल जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी में उच्च राख वाले कोयले को सिन्थेसिस गैस/अमोनियम नाइट्रेट/मेथनॉल में बदलने के लिए कई परियोजनाएं शुरू की हैं। 2030 तक 100 मिलियन टन कोयले के गैसीकरण का लक्ष्य रखा गया है। नवीकरणीय ऊर्जा के लिए कंपनी सोलर पावर जेनरेशन और सोलर प्रोजेक्ट्स में निवेश कर रही है। यूप...
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