वाराणसी, जनवरी 31 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। मैं अहम नहीं, मेरा तिरंगा और मेरी फौज अहम है। जिस दिन मैं अहम हो जाऊंगा उस दिन मैं देश का सच्चा सिपाही नहीं रह जाऊंगा। यह कहना है लेफ्टिनेंट जनरल अरुण अनंथनारायण का। वह नव निर्माण भारत समिति की ओर से आयोजित बनारस लिट् फेस्ट के दूसरे दिन शनिवार को प्रतिमा गुप्ता के साथ संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं का देश है जहां लोग अलग-अलग पृष्ठभूमि से होते हुए भी मिलकर राष्ट्र निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से शिक्षा के साथ कौशल सीखने का आह्वान किया। ऐसा करके वे प्रगतिशील विश्व में भारत की भूमिका को और मजबूत बना सकेंगे। 'इंडिया एस ए हार्ड पावर' विषय पर बातचीत में उन्होंने कहा कि सेना को केवल वेतन का माध्यम न समझें। राष्ट्र-निर्माण के संकल्प के साथ इससे जुड़ें। उन्होंने कहा कि विकसित भ...
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