वाराणसी, फरवरी 1 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। बनारस लिट् फेस्ट का दूसरा दिन कला, इतिहास, राजनीति और तकनीक का ऐसा संगम लेकर आया जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच पर जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की सीमाओं और खतरों पर गंभीर बहस हुई वहीं नेताजी सुभाषचंद्र बोस के निजी जीवन के अनछुए पहलुओं ने श्रोताओं को भावुक कर दिया। 'शब्द, स्मृति और सृजन की राह' विषय पर वक्ता देवेंद्र कुमार देवेश एवं जगन्नाथ दुबे ने तकनीक और साहित्य के अंतर्संबंधों पर तीखी टिप्पणी की। देवेश ने कहा कि एआई केवल डेटा का संग्रह है, उसमें संवेदनाओं का स्पर्श नहीं। मशीन अक्सर 'अर्थ का अनर्थ' कर देती है। इसके बाद पुस्तक चर्चा सत्र में लेखक राजगोपाल वर्मा ने अपनी किताब 'अधूरे प्रेम की पूरी कहानी' के जरिए सुभाष चंद्र बोस और उनकी पत्नी एमिली के प्रेम प्रसंगों को साझा किया।...
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