लातेहार, फरवरी 24 -- लातेहार। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई बेटियां आर्थिक और सामाजिक कारणों से उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती हैं। सरकार द्वारा संचालित साइकिल योजना, छात्रवृत्ति और पोषण योजनाएं सकारात्मक पहल हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनके प्रभावी क्रियान्वयन की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि बालिका शिक्षा से न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज का विकास संभव है। शिक्षित बेटियां आत्मनिर्भर बनकर सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। इसके लिए अभिभावकों और प्रशासन दोनों को मिलकर प्रयास करना होगा। लातेहार जिले में लाह की खेती से किसानों के आय का महत्वपूर्ण स्रोत है। क्षेत्र में पलाश, बेर और कुसुम जैसे पेड़ों की उपलब्धता के कारण लाह उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। कम लागत में अधिक लाभ देने वाली यह खेती खासकर छोटे और...