कार्यालय संवाददाता, सितम्बर 27 -- आज अपने ही अपनों के अंतिम संस्कार के लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं, जहां माता-पिता की चिता की राख ठंडी होने से पहले ही कई लोग अपने दायित्वों की इतिश्री समझ लेते हैं, वहीं अलीगढ़ की मानव उपकार संस्था पिछले 26 वर्षों से उन अभागे दिवंगतों के लिए अपनेपन की लौ जलाए हुए है, जिनके अंतिम सफर में न कोई अपना था, न कंधा देने वाला कोई परिजन और न ही उनकी अस्थियों को श्रद्धापूर्वक विसर्जित करने वाला कोई उत्तराधिकारी। इस साल संस्था 210 दिवंगत लावारिस लोगों की अस्थियों को नासिक की गोदावरी नदी में विसर्जित करेगी। संस्था के संस्थापक अध्यक्ष विष्णु कुमार बंटी ने बताया कि जिले में जिन शवों का कोई वारिस नहीं मिलता, या जिनका अंतिम संस्कार करने वाला कोई नहीं होता, उनका अंतिम संस्कार संस्था द्वारा उनके धर्म के अनुसार विधि-विधान ...