औरंगाबाद, जून 10 -- कुटुंबा प्रखंड के परसा टोले रामपुर गांव का एक चापाकल इन दिनों ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। जिस चापाकल से पहले साफ पानी निकलता था, उससे अब दुर्गंधयुक्त तथा लाल रंग का पानी आ रहा है। पानी भरने पर बाल्टी और बर्तनों पर लाल परत जम जाती है, जबकि चापाकल के आसपास बना चबूतरा भी पूरी तरह लाल-भूरे रंग का हो गया है। इस स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने पानी की गुणवत्ता की जांच कराने और समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।

जल विशेषज्ञों की राय जल विशेषज्ञ मनोज कुमार के अनुसार चापाकल के पानी और चबूतरे पर दिखाई देने वाला लाल रंग सामान्यतः भूजल में आयरन की अत्यधिक मात्रा का संकेत हो सकता है। आयरन युक्त पानी हवा के संपर्क में आने पर ऑक्सीकरण की प्रक्रिया के कारण लाल-भूरे रंग की परत छोड़ता है। विशेषज्ञों का यह भी कहना है...