हमीरपुर, जनवरी 29 -- भरूआ सुमेरपुर। वर्णिता संस्था के तत्वावधान में लाला लाजपत राय की जयंती मनाई गई। संस्था के अध्यक्ष डॉ.भवानीदीन ने कहा कि लाला लाजपत राय सही अर्थों में मां भारती के महान पुरोधा थे। जिन्होंने देश की आजादी के लिए आत्माहुति दी। ये लाल बाल पाल की एक महत्वपूर्ण कड़ी थे। ये उग्रवादी राष्ट्रभक्त थे। इन्होंने 1928 में साइमन कमीशन का विरोध करते हुए आंदोलन का नेतृत्व किया। इस पर अंग्रेज अधिकारी सांडर्स ने इन पर लाठीचार्ज कराया। जिस पर कालांतर में इनका 17 नवंबर 1928 को निधन हो गया। जिसे देश का अपमान माना गया और आगे चलकर भगत सिंह और उनके साथियों ने सान्डर्स को मारकर लाला की मौत का बदला लिया। इस कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, प्रेम, सागर, महावीर प्रजापति, रिचा, रामनरायन सोनकर, विकास, होरीलाल, सतेंद्र, राहुल प्रजापति आदि शामिल रहे...
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