लखनऊ, जून 10 -- लखनऊ। वरिष्ठ संवाददाता।केजीएमयू के लारी कार्डियोलॉजी विभाग में आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को तय सीमा से अधिक स्टेंट लगाए जाने के मामले की जांच पूरी हो गई है। जांच समिति ने रिकॉर्ड की पड़ताल के बाद किसी भी तरह की वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता नहीं पाई है। समिति ने माना कि पांच-पांच स्टेंट लगाए गए मरीजों की स्थिति गंभीर थी। इलाज के लिए यह जरूरी था।प्रवक्ता डॉ. केके सिंह की अध्यक्षता वाली समिति ने पिछले छह माह के रिकॉर्ड की जांच की। इसमें तीन से अधिक स्टेंट वाले मामलों को विशेष रूप से देखा गया। रिपोर्ट के अनुसार पिछले छह महीनों में करीब चार हजार एंजियोप्लास्टी हुईं। यह भी पढ़ें- केजीएमयू में कैंसर दवा घपले की जांच तेज, तीन विभागों की पड़ताल पूरी जिनमें केवल 12 मरीज ऐसे मिले जिन्हें पांच स्टेंट लगाए गए।समिति के मुताबिक...