लखनऊ, अप्रैल 14 -- केजीएमयू के लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग ने लेजर तकनीक से इलाज को रफ्तार दी है। एक माह के दौरान दिल के पांच मरीजों को लेजर तकनीक से इलाज मुहैया कराया गया। सेहत में सुधार के बाद मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। लारी प्रदेश का पहला सरकारी संस्थान है जिसमें लेजर तकनीक से दिल का इलाज शुरू किया गया है। पांच करोड़ रुपये की लागत से लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग में करीब ढाई माह पहले लेजर मशीन मंगाई गई थी। पहला कानपुर और दूसरा प्रयागराज के मरीज का लेजर तकनीक से इलाज हुआ। बीते एक सप्ताह के भीतर तीन और मरीजों का लेजर तकनीक से इलाज किया गया। लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. ऋषि सेट्ठी ने बताया कि लेजर तकनीक ने इलाज का रास्ता आसान बना दिया है। जिन मरीजों में पारंपरिक एंजियोप्लास्टी संभव नहीं होती या बाईपास सर्जरी का जोखिम अधिक होता ह...