पाकुड़, अगस्त 25 -- ​पाकुड़, प्रतिनिधि। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर गंभीर लापरवाही और लचर व्यवस्था की भेंट चढ़ गई है। सदर अस्पताल सोनाजोड़ी में डॉक्टरों की उदासीनता और चिकित्सीय सुविधाओं के अभाव के कारण एक आदिवासी प्रसूता को अपने दो जुड़वा बच्चों की जान गंवानी पड़ी, वहीं जच्चा की हालत भी नाजुक बनी हुई है। ​

चिकित्सा की स्थिति मामला ​हाथीबथान निवासी आदिवासी महिला चंपा मुनि मडैया को प्रेगनेंसी के दौरान अत्यधिक प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों द्वारा सदर अस्पताल सोनाजोड़ी लाया गया। महिला के प्रसूता कक्ष में पहुंचते ही वहां तैनात कर्मियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि आज ऑपरेशन नहीं होगा और कल सुबह डॉक्टर से मिलकर जांच करानी होगी। ​परिजनों के अनुसार, गर्भवती महिला की स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह अगले दिन सुबह तक का इंतजार कर सके। अस्पताल में...