जहानाबाद, जून 25 -- हुलासगंज, निज संवाददाता श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन लाट गांव में श्रद्धालुओं की भीड़ धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। चौथे दिन के प्रसंग में स्वामी हरेरामाचार्य जी महाराज ने भगवान के प्रति भक्तों के समर्पण पर आधारित कथा के माध्यम से बताया कि सच्ची भक्ति, अटूट विश्वास और ईश्वर के प्रति समर्पण से बड़ी से बड़ी विपत्ति भी दूर हो जाती है। उन्होंने भक्त प्र"ाद के कथा का वर्णन करते हुए बताया कि प्रह्लाद दैत्यराज हिरण्यकशिपु के पुत्र थे, लेकिन बचपन से ही उनकी गहरी आस्था विष्णु में थी। हिरण्यकशिपु स्वयं को भगवान मानने लगा था और चाहता था कि सभी उसकी पूजा करें, लेकिन प्र"ाद हर समय "नारायण-नारायण" का स्मरण करते थे। यह भी पढ़ें- लाट गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रोताओं की उमड़ी भीड़ पुत्र की विष्णु भक्ति से क्रोधित होकर हिरण्यक...