लाचार-कमजोर हों ममता, पर TMC का सफाया नहीं; भाजपा को इसमें क्या दो फायदे?
कोलकाता, जून 2 -- पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद से ही टीएमसी में भूचाल आया हुआ है। ममता बनर्जी ने भी नहीं सोचा होगा कि आलम यह हो जाएगा। 15 साल तक प्रदेश में एकछत्र राज करने के बाद आज ममता, अलग-थलग होती नजर आ रही हैं। कहां तो लग रहा था कि ममता अपने भतीजे अभिषेक के हाथ में पार्टी की बागडोर सौंपेंगी, कहां अब उनकी ही सत्ता खतरे में जाती नजर आ रही। यहां तक कि नेता प्रतिपक्ष के चयन में भी ममता बनर्जी को बगावत का सामना करना पड़ा है। खबरें यह भी हैं कि बागियों का एक गुट पार्टी में टूट की तैयारी में जुटा है। इन सबके बीच सवाल यह भी उठने लगा है कि इन हालात को भाजपा किस तरह से देखती है? कैसे मिलेगा फायदाअगर बात करें तो टीएमसी के कमजोर होने का सीधा फायदा भाजपा को मिलता नजर आ रहा है। अगर टीएमसी एकजुट रही तो ममता ताकतवर बनी रहेंगी। ऐ...
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