संभल, दिसम्बर 13 -- सरकार द्वारा ग्रामीण स्तर पर जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और लोगों को एक ही स्थान पर सुविधाएं देने के उद्देश्य से पंचायत सचिवालयों के निर्माण पर लाखों रुपये खर्च किए गए। इन सचिवालयों को ग्रामीणों के लिए समस्या समाधान और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का केंद्र बनाया जाना था। लेकिन पंवासा विकासखंड की कई ग्राम पंचायतों में स्थिति इसके उलट नजर आ रही है। यहां पंचायत सचिवालयों पर अधिकतर समय ताले लटके रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सचिवालय बंद रहने से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, आवास, पेंशन, राशन कार्ड, शौचालय, मनरेगा सहित अन्य योजनाओं से जुड़े कार्य समय पर नहीं हो पाते। ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए ब्लॉक कार्यालय या अन्य जगहों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है। सव...