पीलीभीत, अगस्त 19 -- पीलीभीत। वाहन फाइनेंस कंपनी को करीब 18.82 लाख रुपये की कथित चपत लगाने के मामले में सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार ने आरोपी देवदत्त की द्वितीय अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। अभियोजन के मुताबिक महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड, पीलीभीत शाखा के एरिया लीगल मैनेजर सचिन खंडूरी की ओर से थाना सुनगढ़ी में तहरीर दी। इसमें बताया कि कंपनी ने वर्ष 2021 में जसवंत सिंह को वाहन संख्या यूपी 26 एके 9674 खरीदने के लिए ऋण दिया था।

धोखाधड़ी की योजना बेईमानी और धोखाधड़ी की नीयत से कंपनी के करीब 18 लाख 82 हजार 435 रुपये का बकाया भुगतान किए बिना अन्य लोगों के साथ मिलकर कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षरों से जाली व फर्जी दस्तावेज तैयार कर वाहन की एनओसी बनाकर उसे किसी दूसरे व्यक्ति के नाम स्थानांतरित कर दिया गया। विवेचना में कई नाम सा...