कानपुर, अप्रैल 1 -- आहूजा अस्पताल के पास यूरोलॉजी का अधिकृत लाइसेंस नहीं है। इसके साथ ही किडनी ट्रांसप्लांट जैसी क्षमता भी नहीं है। बावजूद इसके डॉक्टर दंपति किडनी ट्रांसप्लांट जैसा बड़ा ऑपरेशन धड़ल्ले से कराते रहे। सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। इस खेल में शामिल अन्य अस्पतालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने बताया कि शहर में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा और लाइसेंस सिर्फ एक अस्पताल के पास है। इसके अतिरिक्त किसी भी अस्पताल के पास लाइसेंस नहीं है। किडनी ट्रांसप्लांट की सूचना पर जब वह आहूजा अस्पताल जांच करने पहुंचे तो यहां ऑपरेशन के दौरान यूज होने वाली जरूरी सुविधाएं नहीं मिलीं। आहूजा अस्पताल के पास यूरोलॉजी का भी अधिकृत लाइसेंस नहीं है। इसके साथ ही जिन दोनों अस्पतालों में डोनर और रिसीवर को भेजा गया,...