बांदा, अप्रैल 8 -- बांदा। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से जनपद में पखवारे भर से आंधी, ओले व बारिश किसानों पर कहर बरपा रही हैं। वैशाख के महीने में भी आषाढ़-सावन जैसी बारिश हो रही है। कभी रात में तो कभी सुबह तो कभी शाम को लगातार हर रोज किसानों पर आफत बरसती है। कभी ओले गिरते हैं तो कभी तेज हवा में फसलें उड़ रही हैं। किसान दिन भर फसलें सुखाते हैं तो शाम को बारिश हो जाती है। इससे मड़ाई नहीं हो पा रही है। चना, गेहूं व सरसों की फसलें काली पड़ रही हैं। फसलें सुखाने व फैलाने तथा समेटने में किसानों का खर्च बढ़ रहा है। अब तो उन्हें मजदूर भी खोजे नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में किसान अपने परिवार की महिलाओं व बच्चों को लेकर खेत जा रहे हैं और पूरे दिन मेहनत कर रहे हैं। आपके अपने हिन्दुस्तान अखबार ने बुधवार को पड़ताल की और किसानों से बातचीत की तो उनका दर्द छलका। कि...
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