लव-कुश की राजनीति के लिए सिंह से कुशवाहा बने थे उपेंद्र, सम्राट चौधरी चमके तो घट गई पूछ!
पटना, जून 9 -- Upendra Kushwaha News: राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र हमेशा से कुशवाहा नहीं लिखते थे। 2000 के विधानसभा चुनाव में जब वह जन्दाहा से समता पार्टी के टिकट पर पहली बार विधायक बने थे, तब उनका नाम उपेंद्र प्रसाद सिंह था। वैशाली जिले के जन्दाहा में माता-पिता के नाम पर बने मुनेश्वर सिंह मुनेश्वरी समता कॉलेज में शिक्षक रहे उपेंद्र ने कोइरी राजनीति के लिए प्रसाद सिंह को हटाकर नाम में कुशवाहा जोड़ा था। कहते हैं कि बिहार में लव-कुश की राजनीति पर सवार होकर आए और फिर छा गए नीतीश कुमार ने उनको कुशवाहा सरनेम रखने की सलाह दी थी। बिहार की राजनीति में लव-कुश की राजनीति के सूत्रधार रहे नीतीश कुमार और शकुनी चौधरी की जोड़ी टूटने के बाद कुशवाहा राजनीति में नीतीश कुमार ने उपेंद्र को आगे बढ़ाया। तब से कुश का राजनीत...
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