लखनऊ, फरवरी 6 -- लखनऊ विश्वविद्यालय के चतुर्थश्रेणी कर्मचारी रामबहादुर की मौत के बाद उसके बेटे और पौत्र रिश्तेदार को खड़ा कर अंगूठा लगवाकर छह साल तक पेंशन लेते रहे। यह आरोप लगाते हुए राम बहादुर के भतीजे ने कैसरबाग कोतवाली में कोर्ट के आदेश पर उनके बेटे और तीन पौत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर कैसरबाग अंजनी मिश्रा के मुताबिक मुकदमा राम बहादुर के बीकेटी के पहाड़पुर में रहने वाले भतीजे आयुष ने दर्ज कराया है। आयुष ने तहरीर देकर बताया कि उनके ताऊ पुत्तीलाल लविवि के फिजिक्स विभाग में चतुर्थश्रेणी कर्मचारी थे। ताऊ वर्ष 2002 में सेवानिवृत्त हुए थे और उनकी मृत्यु 23 दिसंबर 2017 को हुई थी। मौत के बाद भी ताऊ पुत्तीलाल के बेटे राम बहादुर, पौत्र अभिषेक, विवेक और विशाल ने साजिश रचकर उन्हें जीवित दिखाया। वह पेंशन विभाग और लविवि की आंखों म...
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