मेरठ, जुलाई 11 -- दलित छात्रा ललिता गौतम की हत्या में कार्रवाई के लिए धरना दे रहे लोगों पर आठ जुलाई को हुए लाठी चार्ज और थप्पड़बाजी ने शुक्रवार को सियासत को और गर्म कर दिया। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार ललिता के परिजनों से मिलने निकले नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को जगह-जगह रोके जाने से कार्यकर्ता भड़क गए। नाराज सांसद ने कहीं दरोगा को डपटा तो कहीं सीओ को जमकर खरीखोटी सुनाई। सिवाया टोल प्लाजा पर करीब तीन घंटे के हंगामे के बाद आखिरकार पुलिस ने ललिता के परिजनों को वहीं बुलवाया और बंद कमरे में सांसद से उनकी मुलाकात कराई। दूसरी ओर, थिरोट गांव को दूसरे दिन भी पूरी तरह से सील रखा गया। गांव जाने का ऐलान करने वाले मेरठ-बुलंदशहर और हापुड़ में कांग्रेसियों और सहारनपुर में भीम आर्मी पदाधिकारियों को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। थिरोट जा रहे ललिता गौ...