नई दिल्ली, मई 2 -- एक लड़की जो देख नहीं सकती, सुन नहीं सकती, सही से बोल नहीं सकती उस लड़की और उसके माता पिता की मनोदशा क्या होगी ये अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। इसके साथ ही बेटी के पिता को ब्लड कैंसर हो तो लगता है कि दुनिया में सबसे बड़ी नइंसाफी इसी परिवार के साथ हुई है लेकिन जब इसी परिवार की वही दिव्यांग लड़की आईएससी 12 वीं की परीक्षा में 98.75 प्रतिशत अंक लाकर कॉलेज टॉपर बन जाए तो सिर्फ खुशियों के आंसू निकलते हैं। ये कहानी क्राइस्ट चर्च कॉलेज में 12 वीं की छात्रा साराह मुईन और उसके पिता मुईन अहमद, माता जूली अहमद, शिक्षक सलमान काजी के के जज्बे को दर्शाती है। हुसैनगंज में रहने वाले मुईन अहमद और जूली अहमद की बेटी सारा मुईन को सारकोडाइसिस होने पता चला। एक साल की उम्र में आंखों की रोशनी गई, कक्षा तीन में आते-आते उसे सुनाई देना बंद हो गया और क...