चेन्नई, जनवरी 13 -- डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने उत्तर भारतीयों को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया है। दयानिधि मारन ने कहा है कि उत्तर भारत में लड़कियों को घर में रोक लिया जाता है। उनसे घरेलू काम कराए जाते हैं। उन्हें नौकरी नहीं करने दिया जाता है। वो बस घर में रहती हैं और किचन का काम करती हैं। वहीं, दक्षिण भारत में हम लड़कियों को पढ़ने और करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। दयानिधि मारन ने यह बातें चेन्नई के कैद-ए-मिल्लत महिला विद्यालय में बोलते हुए कहीं। डीएमके नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन लड़कियों की शिक्षा की सुनिश्चित करने के लिए द्रविड़ सिद्धांतों के अनुकूल व्यवस्था करने में जुटे हैं। नौकरी भी नहीं करने देतेदयानिधि मारन ने कहा कि हमारे यहां की छात्राओं को गर्व होना चाहिए। हमें भी उनके ऊपर गर्व है। इसीलिए हम चाहते हैं कि ...
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