एटा, दिसम्बर 4 -- एटा। जनपद की मिट्टी अस्वस्थ हो गई है। इससे किसानों का फसल उत्पादन महंगा होने वाला है। सैंपलों की जांच में पोषक तत्वों की मिल रही है। उत्पादन के लिए प्रमुख 12 पोषक तत्वों की जरुरत होती है। अधिकांश मिट्टी के नमूनों में जीवांश कार्बेन आधे से भी कम रह गया है। इससे जमीन की उर्वकर क्षमता कम होती जा रही है। इससे मिट्टी पूरी तरह से पोषक विहीन हो जाएंगी। कृषि विभाग में संचालित योजना के तहत मृदा परीक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसमें योजना 11200 मिट्टी के नमूने लिए गए। मिट्टी में होने वाले सभी तत्वों की जांच की जाती है। इन नमूनों की आई जांच रिपोर्ट चौकानें वाली है। जांच रिपोर्ट आने के बाद पता चला कि मिट्टी पूरी तरह से अस्वस्थ हो गई है। इसमें जीवंश कार्बेन 0.8 होना चाहिए था। इसके सापेक्ष आई जांच रिपोर्ट में 0. 35 पाया गया है। इस...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.