कुशीनगर, जुलाई 22 -- कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। जिले में पिछले कई दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों के खेतों में पानी भर गया है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से कई गांवों में धान के खेत तालाब में तब्दील हो गए हैं। लगातार पानी भरे रहने से धान की फसल के सड़ने और पूरी तरह बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है। इसे लेकर किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। यह भी पढ़ें- Katihar News: सुबह से बादलों की चादर, दिनभर बारिश के आसारकिसानों की चिंताएं कुशीनगर जनपद में खरीफ के सीजन में करीब छह लाख किसानों ने 1.20 लाख हेक्टयेर में धान की बुवाई की है। समय से बुवाई करने के बावजूद लगातार हुई बारिश से किसानों के सामने समस्या पैदा हो गई है। किसानों का कहना है कि इस बार धान की खेती पर लागत पहले से अधिक आई है। खेतों की जोताई, नर्सरी...