लखनऊ, जून 22 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता। ऊर्जा निगमों में लगातार एस्मा लगाए रखने को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने बिजली कर्मियों का दमन बताया है। संघर्ष समिति ने कहा कि कर्मचारियों के सामान्य धरना-प्रदर्शन, विरोध सभाओं और कार्यालय समय के बाद आयोजित बैठकों पर भी एस्मा लगाने की धमकी दी जाती है।संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि एस्मा जैसे कानून का प्रयोग केवल अत्यंत आपातकालीन परिस्थितियों में किया जाना चाहिए। देश के अधिकांश राज्यों में इसका उपयोग आवश्यकता पड़ने पर सीमित अवधि के लिए किया जाता है, लेकिन यूपी के ऊर्जा निगमों में पिछले लगभग दो दशकों से एस्मा लगातार लागू है। हर छह महीने बाद इसकी अवधि बढ़ा दी जाती है। इससे ऊर्जा निगमों में स्थाई रूप से आपातकाल जैसी स्थिति बनी हुई है। अगर बिजली कर्मचारी किसी समझौते के क्रियान्...