लखीसराय, अगस्त 8 -- लखीसराय, कार्यालय संवाददाता। पिछले एक दशक में लखीसराय जिले को हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, मनरेगा और 'जीविका' के संयुक्त प्रयासों से बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान चलाए गए। वर्ष 2019 में जल-जीवन-हरियाली मिशन शुरू होने के बाद यह अभियान और तेज हुआ। सरकारी रिपोर्टों में हर साल लाखों पौधे लगाने का दावा किया गया, लेकिन जमीनी स्थिति इन दावों पर कई सवाल खड़े करती है। विभागीय आंकड़े बताते हैं कि लगाए गए पौधों में से लगभग आधे ही आज जीवित हैं, जबकि बाकी शुरुआती वर्षों में ही सूख गए या नष्ट हो गए। यह भी पढ़ें- पांच साल में लगे 35 लाख पौधे लगे, कई जगहों पर पेड बने तो कुछ जगहों पर पौधे का पता नहींतालाब, कुएं, नहर व सड़क किनारे तक हुआ पौधरोपण: पिछले दस वर्षों में जिले में पौधरोपण मुख्य रूप से च...