अररिया, दिसम्बर 16 -- कजरा। ग्रामीण इलाकों में एक ऐसी भी मक्खी पाई जाती है, जो पशुओं के लिए दुश्मन मानी जाती है। ग्रामीण इलाकों में इस मक्खी को बगई कहा जाता है। ये मक्खी पशुओं में बैठते ही उनका खून चूसने लगती है। असहनीय पीड़ा भी होती है और इससे वह कमजोर हो जाते हैं और उनके दूध देने की क्षमता भी घट जाती है। पशु चिकित्सक केदार यादव बताते हैं कि यह मक्खी हार-खेत, जंगल में पाई जाती है। अगर जानवर वहां चरने जाता है तो उसके पीछे-पीछे घर तक आ जाती हैं। कुछ तेल आते हैं जिसकी तेज महक से कुछ हद तक पास नहीं आ सकती हैं।

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