भागलपुर, जुलाई 13 -- चानन से मनीष की रिपोर्ट मलिया पंचायत के महेशपुर गांव की तस्वीर पंचायती राज में भी नहीं बदल सका है। यहां बसे करीब डेढ़ हजार आबादी को अब भी कुंआ व चापाकल के सहारे रहना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट हर घर नल जल योजना के तहत वार्डों में टंकी लगाया गया, लेकिन कायदे से घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इस योजना को धरातल पर लाने वाले लोगों द्वारा राशि का बंदरबांट कर लिया गया है। ग्रामीण उदय कुमार, आरती देवी, मीरा देवी, मालती देवी, राजेश कुमार अशोक कुमार, बीरेन्द्र कुमार आदि ने बताया की सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट में शुमार हर घर नलजल योजना महज शोभा की वस्तु बनकर रह गई है। पहाड़ी इलाका होने के कारण साधारण चापाकल लगवाने में 50 हजार से ज्यादा राशि खर्च होती है, जो साधारण परिवार के लिए संभव नहीं है। गांव की 70 फीसदी आबादी...