भागलपुर, अगस्त 1 -- लखीसराय से मनीष की रिपोर्ट आवाज-ए-सिरीश शांडिल्य के संस्थापक सह अध्यक्ष एडवोकेट सिरीश कुमार शांडिल्य के द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत भारतीय संविधान में धर्म, जाति, आरक्षण तथा जातीय जनगणना से संबंधित तीन महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी मांगने वाले आवेदन को भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय ने सूचना की श्रेणी से बाहर बताते हुए उत्तर देने से इंकार कर दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि आवेदन में किसी उपलब्ध अभिलेख, दस्तावेज अथवा रिकॉर्ड की मांग नही की गई थी, बल्कि प्रश्नात्मक स्वरूप में स्पष्टीकरण और निष्कर्ष मांगे गए थे, जिन्हें सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत "सूचना" नही माना जा सकता है। यह भी पढ़ें- NEET ग्रेस मार्क्स विवाद: 700 दिन बाद भी NTA के पास नहीं हैं 8 सवालों के जवाब, RTI कार्यकर्ता का दावा ...