भागलपुर, जून 19 -- चानन प्रखंड के पहाड़ी इलाके में बसे कछुआ, सतघरवा, बासकुंड आदि गांव के लोग आज भी योजनाओं के लाभ से हैं वंचित चानन से प्रकाश मंडल की रिपोर्ट:

सरकारी योजनाओं की विफलता सरकार की तमाम योजनाओं और अधिकारियों के प्रयास के बावजूद पहाड़ी इलाकों में बसे आदिवासी समाज के लोगों की तकदीर व तस्वीर नहीं बदल सकी है। यही वजह है की सब कुछ रहने के बाद भी पहाड़ी इलाके में रह रहे लोगों को भूख, गरीबी व बीमारी की चादर ओढ़े जिंदगी काटने को विवश होना पड़ रहा है। पहाड़ी इलाकों में बसे कछुआ, सतघरवा, वासकुंड में रहने वाले लोगों का हाल भी कुछ इसी तरह का है। यहां रहने वाले लोगों की दशा को देखने से इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि यहां रह रही आबादी मूल रूप से बीमारी और गरीबी के बीच लाचारी की जिंदगी जी रहे हैं। साक्षर व जागरूकता की कमी के बीच गरीबी ए...