लखनऊ, अगस्त 13 -- यूपी की राजधानी लखनऊ में जानकीपुरम में चारागाह-बंजर समेत अन्य सुरक्षित सरकारी जमीनें हड़पने की कोशिश हुई जिसकी कीमत दो हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है। वर्ष 2021 में तैनात रहे डीडीसी चकबंदी के खुलासे के बाद हाईकोर्ट ने भी हस्तक्षेप किया। अब जिलाधिकारी की ओर से जांच के बाद शासन को पूरे मामले की रिपोर्ट सौंप दी गई है। साथ ही, चकबंदी के पूर्व में तैनात रहे 10 अधिकारियों पर कार्रवाई की संस्तुति भी की गई है जो प्रथम दृष्टया मामले में दोषी पाए गए हैं। इस संबंध में जानकीपुरम थाने में मुकदमा भी दर्ज किया गया है। भूमाफिया और चकबंदी विभाग के अफसरों व कर्मचारियों की गठजोड़ से छह गांवों में 120 बीघा सरकारी जमीन घोटाला हुआ था। पुलिस और विभागीय जांच में वर्ष 1988 से अबतक की अवधि में तैनात रहे अफसरों की भूमिका पर सवाल उठे हैं। बिना उनकी ...