लखनऊ, अप्रैल 15 -- राजधानी लखनऊ में बनने वाले भाजपा प्रदेश मुख्यालय की जमीन को लेकर बड़ा मोड़ आ गया है। जियामऊ स्थित जिस भूखंड पर पहले सीधे निर्माण की योजना थी, अब वह पूरी तरह नए फॉर्मूले के तहत आगे बढ़ेगी। बुधवार को नगर निगम सदन ने अहम फैसला लेते हुए जमीन को दीनदयाल उपाध्याय न्यास से वापस लेने और उसे जिलाधिकारी सर्किल रेट पर लखनऊ विकास प्राधिकरण को बेचने का प्रस्ताव पास कर दिया। दरअसल, यह जमीन पहले दीनदयाल उपाध्याय सेवा न्यास को दी गई थी, लेकिन न्यास ने अचानक इसे लौटाने का निर्णय लिया। 7 अप्रैल को न्यास के सदस्य कृष्ण कुमार दीक्षित ने नगर निगम को पत्र लिखकर बजट की कमी के चलते निर्माण में असमर्थता जताई और जमीन वापस करने की बात कही। इसके बाद पूरी प्रक्रिया ने नया मोड़ ले लिया। यह भी पढ़ें- बाहुबली धनंजय सिंह पर हमले में विधायक अभय सिंह दोष...
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