लखनऊ, अप्रैल 1 -- केजीएमयू में एक विभाग के अध्यक्ष पर प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोप सही पाए गए हैं। लिहाजा उनके दो इंक्रीमेंट (वेतन वृद्धि) पर रोक लगा दी गई है। दूसरे विभाग के एक डॉक्टर को मरीज को बाहर की दवा लिखने के आरोप में चार्ज शीट सौपने का फैसला हुआ है। वहीं अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति के अवकाश व ज्वाइनिंग संबंधी मामले को राजभवन के सुपुर्द करने का फैसला हुआ है। बुधवार को कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद की अध्यक्षता में केजीएमयू कार्यपरिषद की बैठक हुई। बैठक में आधा दर्जन से ज्यादा मामले रखे गए। इसमें प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोप में फंसे एक विभाग के अध्यक्ष पर कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। विभागाध्यक्ष पर ठाकुरगंज के निजी अस्पताल में प्राइवेट प्रैक्टिस करने के गंभीर आरोप लगे थे। मरीज की मौत के बाद तीमारदारों ने विभाग...