लखनऊ, अप्रैल 9 -- फीस वृद्धि और खास दुकान से ही बच्चों की कॉपी-किताबें खरीदने की शिकायतों के बाद प्रशासन हरकत में आया। डीएम ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में नियमों का हवाला देते हुए स्कूलों की नकेल कस दी। साफ कर दिया कि स्कूल पांच साल से पहले यूनिफॉर्म नहीं बदल सकेंगे। ज्यादा फीस ली तो पांच लाख जुर्माना और मान्यता रद्द होगी। कलेक्ट्रेट सभागार में जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में जिलाधिकारी विशाख जी ने स्पष्ट किया कि कोई भी स्कूल बच्चों या अभिभावकों को किसी खास दुकान से किताबें, जूते-मोजे या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। इसके अलावा स्कूल की फीस भी तय मानक से ज्यादा वसूल नहीं की जा सकेगी। डीएम ने स्पष्ट किया कि वर्तमान छात्रों के लिए शुल्क में वृद्धि केवल उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (प्रतिशत में) एवं छात्र से वसूल किए गए पां...