वरिष्ठ संवाददाता, जून 23 -- Lucknow Fire Tragedy : 'पापा बचा लो, यहां आग लग गई है...' 24 साल का सुखमनी फोन पर कांपती आवाज में बस इतना ही कह पाया और एक झटके में एक हंसता-खेलता परिवार तबाह हो गया। आलमबाग बस स्टैंड के पास रहने वाले सरकारी कर्मचारी प्रभुजोत सिंह का बेटा सुखमनी पिछले चार साल से आग से राख हुई अलीगंज की इसी इमारत में चलने वाले संस्थान में कार्यरत था। बिलखते पिता ने बताया कि दोपहर करीब ढाई बजे सुखमनी का फोन आया था। चीख सुनकर हाथ-पांव कांप गए। दफ्तर से बदहवास हालत में अलीगंज घटनास्थल की तरफ भागा, लेकिन जब तक पहुंचता, सब कुछ जलकर राख हो चुका था। वहीं मां किरण कौर के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। बड़े भाई सायबान सिंह भी अपने छोटे भाई को खोने के दर्द से टूट चुके हैं। वहीं, सोमवार को पोस्टमार्टम हाउस का मंजर रूह कंपा देने वाला था, ...