मधेपुरा, जनवरी 24 -- मधेपुरा, नगर संवाददाता। जिले में किसान क्रेडिट कार्ड बनाने की रफ्तार काफी धीमी है। साल 2025 में लक्ष्य के विरुद्ध मात्र 16 फीसदी की उपलब्धि की बात कही जा रही है। कृषि विभाग और बैंकों की उदासीनता के कारण किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ नहीं मिलने से खासकर छोटे व मध्यम किसानों को महाजनी कर्ज के सहारे खेती करने की विवशता बनी है। ऐसे में सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के लाभ से जिले के किसान वंचित हो रहे हैं। किसान क्रेडिट कार्ड खेती, पशुपालन व मछली पालन के लिए सात प्रतिशत से कम सस्ते ब्याज दरों पर समय पर लोन उपलब्ध कराती है। जबकि साहुकार से कर्ज लेने पर करीब 10 प्रतिशत ब्याज किसानों को हर महीने अदा करनी पड़ती है। वर्ष 2025 में जिले में 11153 किसान क्रेडिट कार्ड बनाने का लक्ष्य सरकार की ओर से निर्धारित किया गया था। लेकिन लक्ष्...
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