लखीमपुरखीरी, नवम्बर 8 -- कस्बे के रामलीला मेले में शनिवार को सीताहरण का मंचन किया गया। पंचवटी में पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ कुटिया में रहे भगवान राम और लक्ष्मण के पास शूर्पणखा विवाह का प्रस्ताव लेकर जाती है। काफी वार्तालाप के बाद उसके राक्षसी रूप में प्रकट होने पर वे उसकी नाक काट देते हैं। उसके भाई खर-दूषण का भी वध हो जाता है। तब उसे अपने भाई रावण के पास जाकर सारी बात बताई। क्रोधित रावण ने मामा मारीच को सोने का हिरन बनाकर पंचवटी भेजा। सीता के कहने पर भगवान राम उसके पीछे चले गए। लक्ष्मण भी भगवान राम की चीख सुनकर उनकी मदद को चले गए। तभी भिक्षुक बनकर पहुंचा रावण सीताजी को हरकर लंका ले गया।
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