नई दिल्ली, अप्रैल 27 -- नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि जब संबंध आपसी सहमति से बना हो, तो उसमें अपराध का सवाल ही कहां उठता है? शीर्ष अदालत ने सवाल उठाया कि आखिर शादी से पहले लड़की लिव-इन में रहने व्यक्ति के पास गई ही क्यों? जस्टिस बीवी नागरात्ना और उज्जल भुइयां की पीठ ने 15 साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के बाद अलग होने पर लड़की द्वारा शादी का झूठा वादा करके दुष्कर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज कराने के मामले में यह टिप्पणी की। पीठ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ एक महिला की ओर से दाखिल अपील पर सुनवाई कर रही है। यह भी पढ़ें- 'वह उसके साथ रहने क्यों गई', सुप्रीम कोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप के फैसले पर उठाए सवाल महिला ने अपील में हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उसके द्वारा अपने पूर्व लिव-इन पार्टनर के खिलाफ दर्ज...