नई दिल्ली, अक्टूबर 29 -- आनंद सिन्हा, लखनऊ। यूपी विधान परिषद की 11 एमएलसी सीटों पर हुए चुनाव के नतीजों ने अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी को मिशन-2027 के लिए आक्सीजन दे दी है। चुनाव नतीजे न केवल सपा के लिए मनोवैज्ञानिक राहत देने वाले हैं, बल्कि नतीजों ने साफ कर दिया है कि यदि संगठन की तैयारियों और समय रहते बनाई गई दीर्घकालिक रणनीति और सधा लक्ष्य हो तो फतेह नामुमकिन नहीं है। एसपी के लिए यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि भाजपा को एमएलसी की सीटें जिताने के लिए खुद सीएम योगी आदित्यनाथ ने कमान अपने हाथ में ले ली थी। दर्जनों मंत्रियों और सौ से ज्यादा विधायकों, कई सांसदों ने मोर्चा संभाला हुआ था। समाजवादी पार्टी वैसे तो मिशन-2027 की तैयारियों में जुटी थी लेकिन उसने विधान परिषद चुनाव के लिए इस बार अपने ही प्रतिद्वंद्वी दल भारतीय जनता पार्टी से सबक ...