नई दिल्ली, जून 20 -- सनातन धर्म में दीपक जलाना पूजा का अभिन्न अंग माना जाता है। बिना दीपक के पूजा अधूरी समझी जाती है। दीपक ना सिर्फ अंधकार दूर करता है, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है। लेकिन बाती का आकार भी महत्व रखता है। लंबी बाती वाला दीपक और गोल बाती वाला दीपक दोनों अलग-अलग देवी-देवताओं के लिए शुभ माने जाते हैं। गलत बाती वाला दीपक पूजा का फल कम कर सकता है या कभी-कभी नुकसान भी पहुंचा सकता है।दीपक जलाने का धार्मिक महत्व दीपक जलाने से घर का वातावरण पवित्र होता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। शास्त्रों में कहा गया है कि बिना दीपक के पूजा अधूरी रह जाती है। बाती का आकार देवता के स्वभाव के अनुसार चुना जाता है। गोल बाती स्थिरता और शांति का प्रतीक है, जबकि लंबी बाती वृद्धि, समृद्धि और शक्ति का प्रतीक मानी जाती है। मान्यता है कि दीय...