नई दिल्ली, अप्रैल 23 -- ब्रिटेन के दैनिक समाचार पत्र 'द टेलीग्राफ' की खोजी रिपोर्ट ने किराये की संपत्तियों में धर्म के आधार पर खुलेआम भेदभाव का बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट में पाया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भारतीय मूल के कई मकान मालिक 'केवल हिंदू' या 'केवल मुस्लिम' किरायेदारों की तलाश में अवैध विज्ञापन पोस्ट कर रहे हैं, जो ब्रिटेन के समानता अधिनियम 2010 का सीधा उल्लंघन है। रिपोर्ट के अनुसार, फेसबुक, गमट्री और टेलीग्राम पर चल रहे इन विज्ञापनों में स्पष्ट रूप से 'केवल मुसलमानों के लिए', 'मुस्लिम लड़के को प्राथमिकता', 'दो मुस्लिम लड़कों या लड़कियों के लिए' और 'केवल हिंदुओं के लिए' जैसे शब्द इस्तेमाल किए जा रहे थे। कुछ विज्ञापनों में पंजाबी, गुजराती बोलने वालों या केरल-हरियाणा के लोगों को विशेष रूप से लक्षित किया गया था। टेलीग्राफ क...