गंगापार, मार्च 6 -- शंकरगढ़ की ऐतिहासिक होली शुक्रवार को तीसरे दिन बड़े ही धूमधाम के साथ मनाई गई। इस दौरान नगर में परंपरागत 'कपड़ा फाड़ होली' खेली गई, जिसमें बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक सभी ने उत्साह के साथ भाग लिया। ढोल-नगाड़ों और रंग-गुलाल के बीच लोगों ने एक-दूसरे के कपड़े फाड़कर अनोखे अंदाज में होली का आनंद लिया। बताया जाता है कि शंकरगढ़ में होली का पर्व कई वर्षों से लगातार तीन दिनों तक बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। तीसरे दिन खेली जाने वाली होली को स्थानीय तौर पर 'लंगड़ी होली' के नाम से जाना जाता है, जो यहां की एक पुरानी और अनोखी परंपरा रही है। स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार पूर्व में एक बुजुर्ग विकलांग महिला ढोल-बाजों के साथ राजमहल पहुंचती थी और शंकरगढ के राजा के साथ होली का पर्व मनाया जाता था। समय के साथ वह परंपरा धीरे-धीरे समाप्त ह...