हाजीपुर, मई 27 -- सहदेई बुजुर्ग। सं.सू. रोहिणी नक्षत्र का आगमन हो गया है। धान का बिचड़ा डालने का काम अब किसान शुरू कर देंगे। सहदेई और देसरी प्रखंड क्षेत्र के किसान इसकी तैयारी में जुट गए हैं। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार मौसम, मिट्टी और खेत की जलधारण क्षमता को ध्यान में रखकर धान की किस्म का चयन करने से उत्पादन में काफी बढ़ोतरी हो सकती है। दोनों प्रखंड क्षेत्र में 52 सौ हेक्टेयर में धान की खेती होती है। ऐसे में सही समय पर वैज्ञानिक तरीके से नर्सरी तैयार करना किसानों के लिए बेहद जरूरी माना जा रहा है। यह भी पढ़ें- रोहिणी नक्षत्र में धान का बिचड़ा डालने की किसानों ने शुरू की तैयारी धान की बुआई का समय कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक लंबी अवधि वाली धान की किस्मों के लिए मई के अंतिम सप्ताह से बिचड़ा डालना उपयुक्त होता है। वहीं मध्यम और कम अवधि वाली किस...