औरंगाबाद, मई 24 -- नवतपा की भीषण गर्मी को अच्छी बारिश और बेहतर पैदावार का माना जाता है संकेत अंबा, संवाद सूत्र। सोमवार से रोहिणी नक्षत्र की शुरुआत हो रही है। भारतीय कृषि परंपरा में इसका विशेष महत्व माना जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे खेती-किसानी की शुरुआत का संकेत माना जाता है। किसान इसी नक्षत्र से धान समेत खरीफ फसलों की तैयारी तेज कर देते हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस वर्ष रोहिणी नक्षत्र सोमवार से शुरू होकर करीब 15 दिनों तक प्रभावी रहेगा। इसके साथ ही नवतपा भी प्रारंभ हो गया है। नवतपा के दौरान सूर्य की तीखी किरणों और भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित होता है, लेकिन कृषि विशेषज्ञों और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इसे अच्छी वर्षा और बेहतर पैदावार का संकेत माना जाता है। यह भी पढ़ें- रोहिणी नक्षत्र शुरू होते ही धान का बिचड़ा खेतों में डाले...