रांची, फरवरी 2 -- रांची, प्रमुख संवाददाता। वनवासी कल्याण आश्रम एवं जनजाति सुरक्षा मंच से संबद्ध सरना समाज के लोगों ने माघी पूर्णिमा पर बिहार के रोहतासगढ़ किला का भ्रमण किया। किला में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दूसरे प्रांत के जनजाति समाज के लोग शामिल हुए। श्रद्धालुओं के जत्थे में शामिल आरती कुजूर ने बताया कि रांची समेत झारखंड से सैकड़ों की संख्या में जनजाति समाज के लोगों ने आयोजन में भागीदारी निभाई। उन्होंने बताया कि जनजाति समुदाय के लिए रोहतासगढ़ किला सिर्फ प्राचीन स्थापत्य नहीं, बल्कि वीरता, स्वाभिमान और ऐतिहासिक संघर्ष का जीवंत प्रतीक है। किला उरांव समाज की सांस्कृतिक पहचान, सामूहिक चेतना और आत्मगौरव का सशक्त प्रमाण रहा है। रोहतासगढ़ की धरती ने आदिवासी वीर-वीरांगनाओं के साहस, बलिदान और नेतृत्व को इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में...
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