प्रयागराज, अप्रैल 12 -- प्रयागराज, संवाददाता। हड्डियों के इलाज की आधुनिक तकनीक पर केंद्रित दो दिवसीय सेंट्रल जोन मिड टर्म सिम्पोजियम का रविवार को सिविल लाइंस स्थित एक होटल में समापन हुआ। आर्थोपेडिक्स से संबंधित शैक्षणिक आयोजन में इंडियन ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के मध्य क्षेत्र से जुड़े राज्यों के हड्डी रोग विशेषज्ञों ने नवीनतम उपचार पद्धति पर विचार व्यक्त किए। इस मौके पर पीजीआई चंड़ीगढ़ के डॉ. रमेश सेन ने कहा कि कूल्हे की समस्याओं का सबसे आम कारण उम्र के साथ कूल्हे के जोड़ का घिसना, चोट, फ्रैक्चर व गठिया रोग है। कूल्हे के इलाज में सर्जरी एक अंतिम विकल्प होता है, क्योंकि ठीक होने में अधिक समय लगता है। हालांकि रोबोटिक सर्जरी से कूल्हे का सटीक इलाज संभव हो रहा है। डॉ. सेन ने केस स्टडी के साथ कूल्हे के प्रत्यारोपण की प्रस्तुति की। नई दिल्ली के डॉ....