बरेली, दिसम्बर 1 -- बरेली, वरिष्ठ संवाददाता। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा शहर के पुराने व सेटेलाइट बस अड्डे पर शिशु बाल्य कक्ष 2021 में बनाया गया था। बच्चों को दूध पिलाने के लिए उचित स्थान देने की सोच के चलते सरकार के निर्देश पर शिशु देखभाल कक्ष बन तो गया, लेकिन चार वर्ष में शायद ही किसी महिला को यह सुविधा मिल सकी हो। बनने के बाद से ही दोनों बस अड्डों पर बनाए गए कक्ष में ताला लटक रहा है। महिलाएं ऐसे में खुले में किसी तरह बच्चों को दूध पिलाने को मजबूर हैं। वहीं जानकारी करने पर अधिकारियों का कहना है कि कोई असमाजिक तत्व न कमरे में बैठ जाएं इसलिए ताला लगा दिया गया है। कोई महिला चाबी मांगेगी तो दे दी जाती है। सरकार ने वर्ष 2019 में नवजात बच्चों को दूध पिलाने के लिए बस अड्डों पर शिशु देखभाल कक्ष बनाने का निर्णय लिया गया था। 2020 म...