नई दिल्ली, जनवरी 22 -- ज्यादातर लोग मानते हैं कि कब्ज का मतलब है कई दिनों तक शौच ना जाना। लेकिन हेल्थ कोच निकिता बार्डिया के अनुसार यह पूरी सच्चाई नहीं है। आप रोज टॉयलेट जा सकते हैं और फिर भी गंभीर कब्ज से जूझ रहे हो सकते हैं। असल समस्या तब होती है जब आंत पूरी तरह साफ नहीं हो पाती। अक्सर लोग सिर्फ कोलन (बड़ी आंत) के निचले हिस्से को ही खाली कर पाते हैं, जबकि ऊपर का मल वहीं जमा रहता है। यह जमा हुआ मल धीरे-धीरे फर्मेंट होने लगता है जिससे गैस, सूजन और पाचन की रफ्तार धीमी हो जाती है। यही नहीं, यह स्थिति हार्मोनल बैलेंस को भी प्रभावित कर सकती है। इसी वजह से कई लोगों को रोज शौच जाने के बावजूद छोटे या सख्त स्टूल, जोर लगाना, दोपहर के समय पेट फूलना, गैस बनना और टॉयलेट के बाद भी 'पेट पूरी तरह साफ नहीं हुआ' जैसा एहसास रहता है। निकिता बार्डिया के अनुस...
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